स्थानांतरण एक्ट के अनुपालन की मांग को लेकर राज्यपाल को भेजा पत्र, दुर्गम क्षेत्रों में तैनात आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ अन्याय का आरोप, सेवा गणना में गड़बड़ी का मामला उठाया

देहरादून। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड की महिला उपाध्यक्ष डॉ. नीतू कार्की ने आयुष विभाग में स्थानांतरण एक्ट 2017 के प्रावधानों के अनुपालन को लेकर राज्यपाल उत्तराखंड को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं विभाग में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों की सेवा गणना में स्थानांतरण एक्ट 2017 की धारा 10(ब) का सही अनुपालन नहीं किया जा रहा है, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दे रहे चिकित्सकों के साथ अन्याय हो रहा है।

डॉ. कार्की ने पत्र में कहा कि दुर्गम क्षेत्रों से सुगम क्षेत्रों में संबद्ध किए गए चिकित्सा अधिकारियों की सेवा को सुगम क्षेत्र में दर्शाने के बजाय दुर्गम सेवा में प्रदर्शित किया जा रहा है। वहीं, दुर्गम क्षेत्र में तैनात चिकित्सकों के एक माह से अधिक अवकाश को दुर्गम सेवा से घटाने का निर्देश तो है, लेकिन उसे सुगम सेवा में जोड़ने का कोई स्पष्ट नियम नहीं है। इसके बावजूद विभागीय स्थानांतरण सूची में अवकाश अवधि को सुगम सेवा में शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुगम क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्साधिकारियों के 30 दिन से अधिक के अवकाश को भी दुर्गम सेवा में जोड़ दिया गया है, जिससे स्थानांतरण वरीयता सूची प्रभावित हो रही है। डॉ. कार्की के अनुसार यह स्थिति समानता के अधिकार का उल्लंघन है तथा दुर्गम क्षेत्रों में वर्षों से सेवा दे रहे चिकित्सकों के मनोबल को प्रभावित करने वाली है।

पत्र में उल्लेख किया गया कि कई चिकित्सक लगभग 13 वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में लगातार सेवा दे रहे हैं, फिर भी वे स्थानांतरण वरीयता सूची में सुगम क्षेत्र में संबद्ध होकर कार्य कर रहे चिकित्सकों से नीचे आ रहे हैं। साथ ही, सुगम क्षेत्र में संबद्ध चिकित्सकों को पुनः सुगम क्षेत्रों में अनिवार्य स्थानांतरण का लाभ भी मिल रहा है।

डॉ. नीतू कार्की ने राज्यपाल से मांग की है कि सुगम क्षेत्रों में संबद्ध चिकित्सकों की संबद्धता अवधि को सुगम सेवा में ही दर्शाया जाए, दुर्गम सेवा के दौरान लिए गए अवकाश को सुगम सेवा में न जोड़ा जाए तथा समस्त अवकाशों की गणना के लिए स्थानांतरण वरीयता सूची में पृथक अवकाश कॉलम प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सही सेवा गणना स्थानांतरण एवं पदोन्नति जैसे मामलों में अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने राज्यपाल से इस मामले में उचित संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

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