गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और दक्ष शिक्षक ही भविष्य की मजबूत नींव – डीएम स्वाति एस. भदौरिया

पौड़ी : जिलाधिकारी ने बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), पौड़ी में आयोजित कार्यक्रम सलाहकार समिति की बैठक में शिक्षक शिक्षा, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अवसंरचना विकास एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, दक्ष शिक्षक एवं आधुनिक संसाधन ही भविष्य की मजबूत शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला हैं। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए।

बैठक के प्रारंभ में डायट के प्राचार्य स्वराज सिंह तोमर, संस्थान के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी का स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्राचार्य ने वर्ष 2025-26 में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत किए जा रहे नवाचारों, समग्र शिक्षा अभियान, शिक्षक शिक्षा, मानव संसाधन, संस्थान की आधारभूत संरचना, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा जनपद के विद्यालयों में संचालित शैक्षिक कार्यक्रमों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों, प्रशिक्षण मॉड्यूल, भविष्य की कार्ययोजना एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय की जानकारी भी साझा की।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों में संचालित विदेशी भाषा पाठ्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी नई भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल करने से पहले उसकी रोजगारपरक उपयोगिता, वैश्विक अवसरों में उसकी प्रासंगिकता, विद्यार्थियों की रुचि तथा शिक्षकों के अनुभवों का समग्र मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य उपयोगी विदेशी भाषाओं को भी शामिल किए जाने की संभावनाओं का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य में प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्राप्त हो सकें।

बैठक में बाल मेला, आनंदम, कौशलम, अबेकस, बेसिक कंप्यूटर, पायथन, सी++, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, जैव विविधता संवर्धन, बालसखा कार्यक्रम तथा सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण सहित विभिन्न शैक्षिक एवं नवाचार आधारित कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता न होकर व्यवहारिक होना चाहिए। इसके लिए प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों का नियमित फॉलोअप किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों एवं शिक्षण विधियों का प्रभाव विद्यालयों के कक्षा-कक्षों में भी दिखाई दे।

उन्होंने स्थानीय भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण को शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए निर्देश दिए कि “बस्तारहित दिवस” के अवसर पर विद्यार्थियों को गढ़वाली भाषा में भी शिक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के बौद्धिक एवं भावनात्मक विकास को मजबूत बनाती है। जिलाधिकारी ने डायट द्वारा तैयार गढ़वाली भाषा की पुस्तकों को प्राथमिक विद्यालयों तक उपलब्ध कराने के लिए उनके मुद्रण संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत कर शीघ्र मुद्रण कर सभी विद्यालयों में वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कर स्थानीय भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं विद्यार्थियों में मातृभाषा के प्रति रुचि विकसित की जाए।

बैठक में नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में वितरित “अनमोल जीवन” पुस्तिका की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि इस पुस्तिका के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाए तथा विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित गतिविधियां आयोजित की जाएं। साथ ही वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर फ्रॉड से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा डिजिटल नैतिकता के प्रति जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा विषय पर सरल एवं उपयोगी पुस्तिका तैयार कराने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में मॉडल विद्यालय विकसित करने के लिए चयनित किए जा रहे विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधनों एवं नवाचार आधारित शिक्षण प्रणाली को विकसित करने के उद्देश्य से डायट को नियमित निगरानी, शैक्षणिक सहयोग एवं समन्वित समीक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मॉडल विद्यालय अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा केंद्र बनने चाहिए।

अवसंरचना विकास की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां तत्काल प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रत्येक विद्यालय आधुनिक डिजिटल शिक्षण संसाधनों से सुसज्जित हो सके। उन्होंने कार्यदायी संस्था मंडी परिषद द्वारा निर्माण कार्य में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी लंबित आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने तथा कार्य में तेजी लाकर निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने डायट परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने लेखा अनुभाग, अभिलेखों एवं पंजिकाओं के रखरखाव, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय एवं अन्य अनुभागों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्य भवन में सीलन की समस्या पर गंभीरता व्यक्त करते हुए पेयजल निगम को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर तकनीकी परीक्षण के उपरांत विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में उपलब्ध सामग्री के वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान महिला शौचालय की खराब स्थिति एवं पेयजल व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने 100 बेड के छात्रावास का भी निरीक्षण किया तथा स्वच्छता, पेयजल, भोजनालय, सुरक्षा व्यवस्था एवं रिटेनिंग वॉल की स्थिति का अवलोकन किया। प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों के आवासों में फर्नीचर, शयन व्यवस्था, शौचालय, पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को शीघ्र बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना भी संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं से संवाद कर प्रशिक्षण व्यवस्था, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली, डिजिटल शिक्षण, शोध गतिविधियों तथा संस्थान की कार्यप्रणाली से संबंधित सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि बदलते समय के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में तकनीक, नवाचार, स्थानीय आवश्यकताओं एवं भारतीय ज्ञान परंपरा का संतुलित समावेश आवश्यक है। यदि शिक्षक निरंतर सीखने और नवाचार अपनाने की भावना के साथ कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य की दिशा मिलेगी।

इस अवसर पर मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला शिक्षाधिकारी अंशुल बिष्ट, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, पेयजल निगम, मंडी समिति, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि, डायट के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।

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