बड़ा रेल हादसा टला, महानंदा एक्सप्रेस के तीन हिस्से पटरी से उतरे

आरा। बिहार के भोजपुर जिले में रविवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। अलीपुरद्वार से दिल्ली जा रही महानंदा एक्सप्रेस (15484) आरा रेलवे स्टेशन से कुछ दूरी पर डिरेल हो गई। पश्चिमी ओवरब्रिज के पास ट्रेन के इंजन, एसएलआर (SLR) बोगी और एक एसी कोच के पहिए पटरी से उतर गए। हादसे के दौरान ट्रेन में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। तेज आवाज के साथ ट्रेन के डिरेल होने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।

स्टेशन से रवाना होने के कुछ देर बाद हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, महानंदा एक्सप्रेस रविवार सुबह आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। स्टेशन से कुछ दूरी आगे पश्चिमी ओवरब्रिज के समीप पहुंचते ही ट्रेन के इंजन, एसएलआर बोगी और एक एसी कोच के पहिए अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद ट्रेन को रोक दिया गया।

तेज आवाज से यात्रियों में मचा हड़कंप

हादसा सुबह उस समय हुआ, जब ट्रेन में सवार कई यात्री सो रहे थे। अचानक तेज आवाज और झटके महसूस होने पर यात्री घबराकर अपनी सीटों से उठ गए। कुछ ही देर में ट्रेन के डिरेल होने की जानकारी यात्रियों को हुई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और ट्रेन से बाहर निकलकर जानकारी लेने की कोशिश की।

रेलवे अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर डिरेल हुए ट्रेन के हिस्सों की स्थिति का जायजा लिया। रेलवे की तकनीकी टीम ने राहत और परिचालन बहाल करने का काम शुरू किया।

डिरेल हुए हिस्से अलग कर दूसरे इंजन से रवाना हुई ट्रेन

रेलवे कर्मचारियों ने पटरी से उतरे हिस्सों और बोगियों को अलग किया। इसके बाद दूसरे इंजन की सहायता से ट्रेन को आगे रवाना किया गया। इस दौरान रेल परिचालन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। रेलवे की ओर से डिरेलमेंट की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

हादसे की वजह अभी स्पष्ट नहीं

महानंदा एक्सप्रेस के डिरेल होने की वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। रेलवे की तकनीकी टीम मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इंजन, एसएलआर बोगी और एसी कोच के पहिए किन परिस्थितियों में पटरी से उतरे। फिलहाल किसी यात्री के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पहाड़ के जंगल अब डराने लगे, कहीं भालू तो कहीं बाघ का खौफ

Sun Sep 6 , 2026
गोपेश्वर (चमोली)। पहाड़ के जंगल कभी ग्रामीणों की जिंदगी का सहारा हुआ करते थे। चारा-पत्ती, लकड़ी से लेकर पशुपालन और रोजमर्रा की जरूरतों तक गांव की बड़ी आबादी की निर्भरता जंगलों पर रही है। लेकिन अब यही जंगल ग्रामीणों के लिए डर और दहशत का पर्याय बनते जा रहे हैं। […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!