गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सभागार में जिलास्तरीय पुनरीक्षण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की प्रगति, कम ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) वाले बैंकों की स्थिति, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, वित्तीय समावेशन एवं आरसी से जुड़े मामलों पर की गई।
डीएम ने निर्देश दिए कि सरकार प्रायोजित ऋण योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही सभी समस्याओं का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उद्योग विभाग की ओर से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण आवेदनों के निरस्तीकरण का स्पष्ट कारण न देने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने और लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को केसीसी वितरण में तेजी लाने और किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।
बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पीएमईजीपी, एनआरएलएम, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, पीएम-स्वनिधि, पीएम अजय एवं एससीपी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई।
डीएम ने बैंक अधिकारियों को सीडी रेश्यो में सुधार लाने और विभागीय अधिकारियों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार कर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में एलडीएम डीएस गर्ब्याल ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत ऋण, प्रगति और सीडी रेश्यो की जानकारी दी गई।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डीडीओ केके पंत, नाबार्ड के एजीएम श्रेयांश जोशी, आरबीआई एलडीओ रजनीश सैनी आदि मौजूद रहे।

