चारधाम यात्रा से पहले प्रशासन सक्रिय, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों की समस्याओं के समाधान को बनाई जा रही योजना

गोपेश्वर (चमोली)। चारधाम यात्रा के दौरान होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों की समस्या के निस्तारण के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। प्रशासन की ओर से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों से बैठक कर समस्याओं के निस्तारण की योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन की ओर से जनपद के लिए निर्धारित व्यावसायिक रसोई गैस के कोटे के वितरण के साथ ही ईंधन के अन्य विकल्पों को लेकर भी योजना तैयार की है। इससे यात्रा काल के दौरान होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को व्यवसाय संचालन में परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने चार धाम यात्रा की तैयारियों के तहत पूर्ति विभाग, पर्यटन और तहसील के अधिकारियों के साथ बैठक कर अधिकारियों से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के सुचारू संचालन में आने वाली संभावित परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने जनपद को मिल रहे व्यावसायिक रसोई गैस के कोटे और बाजार की मांग के अनुरूप ईंधन आपूर्ति को लेकर अन्य विकल्पों को लेकर चर्चा की। बताया कि जनपद में जहां व्यावसायिक रसोई गैस की उपलब्धता के अनुरुप वितरण की प्रणाली बनाई जा रही है वहीं ईंधन के अन्य विकल्प पिरुल, लकड़ी और पत्थर के कोयले तथा लकड़ियां होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को उलब्ध करने की भी योजना तैयार की जा रही है। बताया कि प्रशासन की ओर से ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।

डीएम ने सभी घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से ऑन लाइन बुकिंग के माध्यम से रसोई गैस रिफिल करवाने और प्रशासन की ओर से बनाई जा रही व्यवस्था में सहयोग की अपील भी की है। इस दौरान पर उप जिलाधिकारी राजकुमार पाण्डेय, जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पाण्डेय, पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ समेत अधिकारी मौजूद रहे। जनपद के होटल और रेस्टोरेंट संचालक वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े रहे।

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