- बागवानी योजनाओं से 30286 किसानों को मिला लाभ, पहाड़ में बढ़ा फल उत्पादन पर जोर
- छह साल में 20,132 किसानों को निःशुल्क फल पौध, 921 को पॉलीहाउस और 3,093 को सिंचाई सुविधा; आधुनिक तकनीक से जोड़े जा रहे किसान
पौड़ी। पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर किसानों की आय के नए अवसर बढ़ाने के लिए उद्यान विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ जनपद के हजारों किसानों तक पहुंच रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक विभागीय योजनाओं के माध्यम से 30,286 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। किसानों को फल पौध उपलब्ध कराने के साथ पॉलीहाउस, सिंचाई, जल संरक्षण, घेरबाड़ और आधुनिक बागवानी तकनीकों से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सेब और कीवी जैसी फसलों को बढ़ावा देने के साथ वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
06 साल में 20 हजार से अधिक किसानों को फल पौध
जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी ने बताया कि पर्वतीय परिस्थितियों और किसानों की जरूरत के अनुरूप बागवानी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विभाग का विशेष फोकस है। पिछले छह वर्षों में 20,132 लाभार्थियों को निःशुल्क फल पौध वितरित की गईं। फल पौध वितरण के माध्यम से नए फलोद्यान विकसित करने के साथ पुराने बगीचों के विस्तार में भी किसानों को मदद मिली है। जनपद में सेब और कीवी जैसी फल फसलों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को आधुनिक उत्पादन तकनीकों से जोड़ा जा रहा है।
921 किसानों को मिला पॉलीहाउस का लाभ
संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए 100 वर्ग मीटर पॉलीहाउस स्थापना योजना के तहत पिछले पांच वर्षों में 921 लाभार्थियों को लाभ दिया गया। पॉलीहाउस के माध्यम से किसानों को मौसम की अनिश्चितताओं के बीच संरक्षित तरीके से खेती करने और विभिन्न फसलों के उत्पादन के अवसर मिल रहे हैं। इसके अलावा कीवी उत्पादन के लिए ट्रैलिस सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और घेरबाड़ जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को उत्पादन बढ़ाने और फसलों को सुरक्षित रखने में सहयोग दिया जा रहा है।
3,093 किसानों तक पहुंची सिंचाई सुविधा
बागवानी फसलों के लिए सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 3,093 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। पर्वतीय क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और सिंचाई की चुनौती को देखते हुए यह सुविधा बागवानी उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग की ओर से जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
2,295 किसानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण
केवल संसाधन उपलब्ध कराने के साथ किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। पिछले छह वर्षों में 2,295 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक फसल प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की जानकारी किसानों को दी गई। विभाग का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अधिक लाभकारी बागवानी गतिविधियों से जोड़ना है, जिससे सीमित भूमि से बेहतर उत्पादन और आमदनी के अवसर पैदा हो सकें।
वर्षवार लाभार्थियों का आंकड़ा
विभाग के अनुसार वर्ष 2020-21 में 3,467, 2021-22 में 5,586, 2022-23 में 7,428, 2023-24 में 4,115, 2024-25 में 4,486 और 2025-26 में 5,204 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। इस तरह छह वर्षों में कुल 30,286 लाभार्थी विभागीय योजनाओं से लाभान्वित हुए।
बागवानी से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित कृषि भूमि का बेहतर उपयोग करने और किसानों को अधिक लाभकारी फसलों से जोड़ने में बागवानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभाग का प्रयास है कि फल उत्पादन, संरक्षित खेती, सिंचाई और आधुनिक तकनीकों से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से जनपद में बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।

