श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक से दूर होते हैं मानसिक कष्ट और जीवन के संताप – आचार्य सुभाष जोशी

देहरादून : धर्मपुर चौक स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर में श्रावण मास के पावन अवसर पर आयोजित दिव्य एवं भव्य संगीतमय श्री शिव महापुराण ज्ञान महायज्ञ के अष्टम दिवस कथा व्यास एवं शिव आराधक आचार्य सुभाष जोशी ने शिवलिंग के जलाभिषेक का महत्व बताते हुए कहा कि श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करने से मनुष्य के मानसिक कष्ट, शारीरिक रोग, पाप और जीवन के तमाम संताप दूर होते हैं।

उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। जल समर्पण से अहंकार और चंचल विचार शांत होते हैं। भगवान शिव की उग्र ऊर्जा को शांत करने के लिए जल को प्रभावी माध्यम माना गया है। शिव पुराण के प्रसंगों में नियमित जलाभिषेक से शारीरिक पीड़ाओं एवं ज्वर आदि विकारों से राहत मिलने का उल्लेख है।

आचार्य सुभाष जोशी ने बताया कि शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय मुख उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना गया है। जल हमेशा एक समान और सतत धारा में अर्पित करना चाहिए। जलाभिषेक के दौरान मन में निरंतर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए।
उन्होंने शिव महापुराण की विद्येश्वर संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि विभिन्न द्रव्यों, धातुओं और मिट्टी से निर्मित शिवलिंगों के पूजन का अलग-अलग महत्व और फल बताया गया है। इनकी आराधना से आरोग्य, धन, सुख-शांति, मोक्ष एवं मनोवांछित फल की प्राप्ति का वर्णन मिलता है।

उन्होंने बताया कि नदी की बालू अथवा पवित्र स्थान की शुद्ध मिट्टी में दूध, दही, घी, शहद और गोरोचन मिलाकर पार्थिव शिवलिंग बनाया जाता है। इसे श्रेष्ठ एवं सर्वफलदायी माना गया है। मिट्टी के शिवलिंग का पूजन करने से ब्रह्मा, विष्णु सहित सभी देवताओं के पूजन का पुण्य प्राप्त होने तथा कष्ट और रोग दूर होने का उल्लेख शिव पुराण में मिलता है।

उन्होंने कहा कि तांबे के शिवलिंग के पूजन से आरोग्य, तेज और उत्तरोत्तर प्रगति, सोने के शिवलिंग की पूजा से धन-धान्य एवं ऐश्वर्य तथा चांदी के शिवलिंग के अर्चन से सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि की प्राप्ति मानी गई है। पीतल अथवा अन्य मिश्रित धातुओं से बने शिवलिंग के पूजन से परिवार में यश और संतोष की प्राप्ति होती है। स्फटिक अथवा रत्नों से निर्मित शिवलिंग की पूजा से चेतना के विकास, पापों के नाश और परम शांति की प्राप्ति का वर्णन है। वहीं शर्करा अथवा चीनी की खांड से बने शिवलिंग की आराधना को उत्तम स्वास्थ्य और रोगमुक्त जीवन से जोड़ा गया है।

कथा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान शिव की आराधना की। आज के यजमानों में आत्माराम शर्मा, अजयकांत , शर्मिला भट्ट, विपिन चं, राजेश खन्ना, संगीता खन्ना, आशीष पुरोहित, लव मंडोली, मदन हुरला, अर्चना ठाकुर एवं सुदेश हुरला सहित अन्य शिवभक्त शामिल रहे। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था, रंजीत सिंह पाल, विद्यावती जोशी, प्रदीप पाल एवं अन्य शिवभक्तों के सहयोग से की गई।

इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सीताराम भट्ट, देवेन्द्र अग्रवाल, दीपक शर्मा, मदन हुरला, आत्माराम शर्मा, जयप्रकाश बंसल, शरद शर्मा, प्रमोद शर्मा, सुनील कौशिक, संदीप कुमार, अर्चना ठाकुर, सुदेश हुरला, शर्मिला भट्ट, मंजू, अन्नू सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!